Sunday, June 7, 2020

वन्दे मातरम्

वंदे मातरम्


आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं 
झांकी हिंदुस्तान की 
इस मिट्टी की तिलक करो 
ये धरती है बलिदान की
वंदे मातरम्... 
वंदे मातरम्

याद करो इस बगिया को 
यहां तुमनें भी कभी खेला था
याद करो इस पेड़ को 
जिसका फल तुमने खाया था
वंदे मातरम्!! वंदे मातरम्

याद करो उन नदियों को 
जहाँ तुमने पानी पिता था
याद करो उन गलियो को 
जहा भूल भटके आए थे
वंदे मातरम्.....वंदे मातरम!!!

याद करो उस रास्ते को 
जहां पे तुम भी चलते थे
याद करो उस मंज़र को 
जो तुमने कभी को सोचा था 
अपने भारत देश के लिए 
इतना तो कर सकते हो
झुक कर आओ सजदा करे 
हम भारत मां के बच्चों को
वंदे मातरम्........वन्दे मातरम्!!!!!

याद करो बलिदानो को 
जो दिए गए इस भूमि पर
याद करो उन वीरों को 
जो आज हैं इन तस्वीरों पर 
कभी उन्होंने कसम खाई थी 
कभी उन्होंने भी प्रन लिया था
भारत को मुक्त कराएंगे
तुमसे तकदीर लिखवाएंगे 
उनकी किस्मत चमकाएंगे
उनको भी मुक्त कराएंगे
उनसे भी प्यार निभाएंगे 
उनमे भी प्यार जगायेंगे
आओ मिलकर सजदा करें
हम भारत मां के वीरों को
जो लटक गए यूं सुली पर 
जैसे झुल गए हो झूले पर
वंदे मातरम्...वंदे मातरम्!!!

आओ हम ये प्रतिज्ञा लें
इस मिट्टी से हम तिलक करें
ये देश था वीर जवानों का 
था ऋणी मेहनती किसानों का
एक सुली चढ़ कर डोल गया
एक खेत में चल कर बोल गया
ये माटी प्यारी मेरी है
ये भारत मां भी मेरी है
हम प्राण प्रतिज्ञा करते हैं
भारत को मुक्त कराएंगे
हर पुस्तक मै हर ग्रंथ में
हम सब से ये लिखवाएंगेये 
भारत भूमि मेरी है
ये मां भी मेरी तेरी है
तू कसम खा के आज घर से चल
तू इसका तिलक लगा के चल
तू मुक्त कराएगा इसको
हम सब का ऋण चुकाएगा
बस करता हूं मै आज नमन
अपनी भारत भूमि को

अये माता मै तो आज चला
छोड़ जा रहा हूं तेरे गर्व मै तेरे शेरों को
वंदे मातरम् 
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्...।

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